दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल को सील कर दिया है। बुधवार को जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर दिया है। पंजाबी बाग स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल में अब तक आठ कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें एक वरिष्ठï डॉक्टर सहित पांच स्वास्थ्य कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा एक हरियाणा के सोनीपत निवासी मरीज की मौत भी अस्पताल में हो चुकी है। मरीज कोरोना संक्रमित था।
जिला प्रशासन के अनुसार 13 मार्च से 7 अप्रैल के बीच अस्पताल आने वाले मरीज और उनके तिमारदारों से 15 दिन के लिए होम क्वारंटीन पर रहने की अपील की है। इसके अलावा अस्पताल प्रशासन से इस अवधि में अस्पताल विजिट करने वालों की जानकारी भी मांगी है। ताकि उनको ट्रेस करने के बाद घरों को क्वारंटीन किया जा सके। जानकारी के अनुसार अस्पताल प्रबंधन पर सोनीपत निवासी मृतक मरीज के परिजनों ने कोरोना संक्रमण की जानकारी न देने के आरोप भी लगाए हैं। वहीं सोनीपत पुलिस ने कोरोना संक्रमित मरीज के शव को बगैर किसी सुरक्षा इंतजाम के परिजनों को सौंपने के कारण मुकदमा भी दर्ज किया है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक सिंगला का कहना है कि 10 और 13 मार्च को दो मरीज किडनी से जुड़ी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती हुए थे। उस समय वे कोरोना संक्रमित नहीं थे। 20 दिन बाद एक मरीज को गंगाराम अस्पताल रैफर कर दिया जहां वह कोरोना संक्रमित मिला। ये जानकारी मिलने के 15 मिनट बाद ही संबंधित स्टाफ को क्वारंटीन कर दिया था।
इसके अलावा आईसीयू में भर्ती सभी मरीजों की जांच भी हुई थी जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। दूसरे मरीज को भी रैफर करने की प्रक्रिया की गई थी लेकिन काफी समय बाद भी जब उसे अन्य अस्पताल में स्थान नहीं मिला तो वह अग्रसेन अस्पताल में ही रुका हुआ था। इसी बीच उसका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि हमारा अस्पताल कोविड विशेष नहीं है लेकिन हमारेप्रयास लगातार जारी हैं।